YSRCP ने झूठे दावों के लिए चंद्रबाबू की आलोचना की

YSRCP ने झूठे दावों के लिए चंद्रबाबू की आलोचना की

YSRCP criticized Chandrababu for false claims

YSRCP criticized Chandrababu for false claims

 डीएससी नियुक्तियां पर कि गईं गड़बड़ियों को साफ तौर पर बताया गया उसकी जिसकी सत्यता सिर्फ सीबीआई (CBI) जांच से ही सच्चाई सामने आएगी मांग उठाया

(अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )

ताडेपल्ली : : (आंध्र प्रदेश) 24 जुलाई: - YSRCP ने चंद्रबाबू नायडू पर उनके झूठे दावों और तल्लिकी वंदनम के लाभार्थियों को हटाने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को यहां मीडिया से बात करते हुए, पूर्व सूचना व प्रसारण मंत्री चेल्लुबोइना श्रीनिवास वेणुगोपाल , झुपड़ी प्रभाकर राव , जक्कमपुड़ी राजा , तलारी रंगया,(सांसद)  के पार्टी के प्रवक्ता नेता श्री नागार्जुन यादव के अलावा दिल्ली से सांसद तनुजा रानी ने कहा कि डीएससी नियुक्तियों पर सीबीआई जांच की मांग के पक्ष में हम हैं और जांच होनी चाहिए कहा ।

 आगे उन्होंने समाचार पत्र को बताया कि , मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने यह कहने की शर्म नहीं कि जो " तल्लिकी वंदनम" नामक नई योजना को पूर्व मुख्यमंत्री व्यास जगनमोहन रेड्डी ने ही प्रारंभ किया था और कई माता छात्रों के पैसे उनके खाते में डाले गए थे उसे योजना को अब बेशर्म की तरह अपना बेटा का सोच समझ है का कर एक सभा में कहना एक मुख्यमंत्री के लिए बहुत बड़ी शर्म की बात है कहा ,जो सरासर झूठ और इतनी बड़ी झूठ की इस योजना का फायदा उठाने वाले भी हंसते रहे  ।जबकि असलियत यह है कि इसका नाम "अम्मा वोडी"  से "तल्ली की वंदनम"  रखकर अपने ही बेटे के नाम से उसकी उपज कहकर सभा में रहते ही लोग हंसते रहे और कानपुर से करते रहे एक सीनियर नेता को इस तरह के हरकतों से बाज आना चाहिए कहा तनुजा ने,

आज रम्पा चोडावरम में हुए प्रोग्राम में चंद्रबाबू ने झूठे दावे फिर किया और तल्लिकी वंदनम एक ऐसा इवेंट बन गया जिसमें स्कूल जाने वाले बच्चों की मांओं को धोखा दिया गया। किसी न किसी बहाने लाभार्थियों की संख्या लगभग 22 लाख लोगों को कम कर दिया गया । अधिकारियों से पूछने पर उनको बताया गया कि बजट कम है इसलिए ऐसा दे रहे हैं कह कर कम कर दिया गया बोला चंद्रबाबू के हमेशा दावे बहुत बढ़े व  ज़्यादा झूठे बयनों से से भरे हुए होते हैं कहा।
सरकारी विभाग की आंकड़ों के अनुसार लगभग 22. 65 लाख स्टूडेंट्स को वेलफेयर स्कीम का फायदा नहीं मिला क्योंकि एलिजिबल स्टूडेंट्स की संख्या 87.41 लाख से घटाकर 64.75 लाख कर दी गई।
पहले साल यह स्कीम लागू नहीं हुई और दूसरे साल बहुत कम फंड दिए गए और अब ऐसे मामले हैं जहां स्टूडेंट्स को अभी तक रकम का एक हिस्सा नहीं मिला है, जो सरकार की लापरवाही दिखाता है।
सरकार अपने दिए गए कम बजट के हिसाब से बेनिफिशियरी की संख्या तय करने पर काम कर रही है और बिजली बिल, गाड़ी और ऐसे दूसरे नियमों के नाम पर नाम हटा रही है और पॉलिटेक्निक और ITI स्टूडेंट्स को छोड़ दिया गया है।
वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इस बात का पूरा ध्यान रखा था कि सभी स्टूडेंट्स को कवर किया जाए और रकम बिना किसी गलती के मां के बैंक अकाउंट में जमा हो जाए क्योंकि उनका मानना ​​था कि गरीबी किसी भी बच्चे को पढ़ाई से दूर रखने का कारण नहीं होनी चाहिए।
जिन लोगों ने चुनाव प्रचार के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे, वे अब अपनी बातों से मुकर रहे हैं और मेंटेनेंस के लिए 2,000 रुपये की कटौती जारी है, जबकि चंद्रबाबू को हमारी सरकार में गलती मिली। वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा शुरू किए गए नाडु नेडू, इंग्लिश मीडियम और दूसरे एजुकेशन रिफॉर्म्स को खत्म कर दिया गया और चंद्रबाबू वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा स्कूल में सुविधाएं देने के अच्छे काम पर दावा कर रहे हैं।
वह पब्लिक मीटिंग में झूठ फैला रहे हैं और जो उन्होंने किया ही नहीं है, उस पर दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अम्मा वोडी वाईएस जगन मोहन रेड्डी का ही आइडिया है और सिर्फ नाम बदलने से चंद्रबाबू के दावे सच नहीं हो जाते डीएससी नियुक्तियों के मामले में उन्होंने कहा कि गड़बड़ियों को साफ तौर पर बताया गया था और सिर्फ CBI जांच से ही सच्चाई सामने आई।